Chetna Srot Bhagat Singh

INR 125.00
Book Code : MP805
Availability : In Stock

इस उपन्यास का लिखना मेरे लिए एक प्राकृतिक घटना है । मेरे अन्दर भगत सिंह की चेतना के एक विचार मात्र से ऐसी प्रेरणा जागृत हुई जिसने मुझे लगातार कई महीनों तक बिना अलार्म लगाये हर रोज सुबह 3 बजे उठाया जिससे यह उपन्यास लिखना संभव हुआ । मुझे महसूस हुआ कि जीवन में सच्ची प्रेरणा कहीं बाहर से नहीं आती बल्कि किसी विचार को अपनाने से स्वयं अन्दर से पैदा होती है । भगत सिंह लगातार कई सालों तक ऐसी ही अन्तः प्रेरणा से चले जिससे वह छोटी सी उम्र में ही एक अच्छे व्यक्ति जोशीले व्यक्तित्व जागरूक इन्सान व प्रभावशाली संगठक बन गये । भगत सिंह ने सिर्फ कह कर नहीं बल्कि करके दिखाया ।

Subject Biography
No. of Pages216
Language Hindi
Author Vikram Singh

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